ईसा जी का जीवन निर्धारित थाईसा जी की मृत्यु 30 वर्ष की आयु में हुई जो पूर्व निर्धारित थी। ईसा जी ने कहा कि मेरी मृत्यु निकट है तथा तुम शिष्यों में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा और वो मुझे मार देंगे। इससे सिद्ध है हज़रत ईसा जी ने कोई चमत्कार नहीं किया ये सब पहले से ही निर्धारित था। हज़रत ईसा जी किसी को सुखी भी नहीं कर सकते थे जिनको सुख हुआ था वो पहले से ही निर्धारित थे।
वर्तमान समय में व्यक्तियों में बढ़ती हुई स्वार्थ एवं अहंकार की भावना ने भी तनाव को बढ़ावा दिया है। इन विकारों को केवल सतभक्ति से ही दूर किया जा सकता है। वर्तमान समय में सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज जी ही बता रहे हैं।
कबीर परमात्मा ही जीवन रक्षक हैं। किसी भी प्रकार की जानलेवा बीमारी क्यों न हो। सतभक्ति से सभी रोग दूर होते हैं। संत रामपाल जी महाराज कबीर भगवान की सतभक्ति देते हैं। उनकी शरण लीजिए।